राजगीर (बिहार): क्या खूब मौका है। भारतीय इतिहास के सबसे महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन के खास मौके पर एशिया कप में भारत ने चीन को रौंद दिया। बिहार के राजगीर में शुरू हुए एशिया कप में पहला मैच भारतीय टीम के नाम रहा। उसके कप्तान हरमनप्रीत सिंह (हैट्रिक गोल) और जुगराज ने हॉकी स्टिक की जादूगरी दिखाते हुए चीन को 4-3 के अंतर से हार के लिए मजबूर किया। भारत को हालांकि चीन के खिलाड़ियों ने भी खूब टक्कर दी वो तो टीम इंडिया का तगड़ा डिफेंस था, जिसने कुछ मौके बचाए। यह 19वां मौका है जब भारतीय टीम ने चीन को हार के लिए मजबूर किया। इससे पहले 24 मैचों में उसके नाम 18 जीत थी, जबकि 3 बार चीन ने बाजी मारी थी।
चीनी खिलाड़ी ने दागा पहला गोल तो जुगराज और हरमनप्रीत सिंह ने दहाड़ दिया
भारत को उम्मीद थी कि घरेलू मैदान पर पहला गोल उसकी ओर से लगेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। मैच के 12वें मिनट में चीन ने पेनल्टी कॉर्नर से गोल कर बढ़त बना ली। ड्यू शिहाओ ने यह गोल करके चीन को 1-0 से आगे कर दिया। हालांकि, भारत ने जल्द ही वापसी की। 18वें मिनट में जुगराज सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
इसके दो ही मिनट बाद 20वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर अपना पहला गोल दागकर भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई। 25वें मिनट में भारत को एक झटका लगा जब टीम के मुख्य खिलाड़ी हार्दिक सिंह को दो मिनट के लिए ग्रीन कार्ड दिखाकर बाहर कर दिया गया। हालांकि, मैच के हाफ टाइम तक भारत 2-1 से आगे रहा।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह की हैट्रिक
दूसरे हाफ की शुरुआत में भी भारत का दबदबा जारी रहा। 33वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर अपनी टीम की बढ़त 3-1 कर दी। यह मैच में उनका दूसरा गोल था। लेकिन, चीन ने भी हार नहीं मानी। 35वें मिनट में चेन बेनहाई ने पेनल्टी कॉर्नर से गोल कर भारत की बढ़त को फिर से एक गोल के अंतर पर ला दिया और स्कोर 3-2 हो गया।
मैच के 47वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने एक और शानदार पेनल्टी कॉर्नर गोल किया। इस गोल के साथ उन्होंने अपनी हैट्रिक पूरी की और भारत की जीत सुनिश्चित की। हरमनप्रीत के सभी तीन गोल पेनल्टी कॉर्नर से ही आए, जो इस मैच की एक खास बात रही।
चीनी खिलाड़ी ने दागा पहला गोल तो जुगराज और हरमनप्रीत सिंह ने दहाड़ दिया
भारत को उम्मीद थी कि घरेलू मैदान पर पहला गोल उसकी ओर से लगेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। मैच के 12वें मिनट में चीन ने पेनल्टी कॉर्नर से गोल कर बढ़त बना ली। ड्यू शिहाओ ने यह गोल करके चीन को 1-0 से आगे कर दिया। हालांकि, भारत ने जल्द ही वापसी की। 18वें मिनट में जुगराज सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
इसके दो ही मिनट बाद 20वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर अपना पहला गोल दागकर भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई। 25वें मिनट में भारत को एक झटका लगा जब टीम के मुख्य खिलाड़ी हार्दिक सिंह को दो मिनट के लिए ग्रीन कार्ड दिखाकर बाहर कर दिया गया। हालांकि, मैच के हाफ टाइम तक भारत 2-1 से आगे रहा।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह की हैट्रिक
दूसरे हाफ की शुरुआत में भी भारत का दबदबा जारी रहा। 33वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर अपनी टीम की बढ़त 3-1 कर दी। यह मैच में उनका दूसरा गोल था। लेकिन, चीन ने भी हार नहीं मानी। 35वें मिनट में चेन बेनहाई ने पेनल्टी कॉर्नर से गोल कर भारत की बढ़त को फिर से एक गोल के अंतर पर ला दिया और स्कोर 3-2 हो गया।
मैच के 47वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने एक और शानदार पेनल्टी कॉर्नर गोल किया। इस गोल के साथ उन्होंने अपनी हैट्रिक पूरी की और भारत की जीत सुनिश्चित की। हरमनप्रीत के सभी तीन गोल पेनल्टी कॉर्नर से ही आए, जो इस मैच की एक खास बात रही।
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