इंटरनेट डेस्क। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का प्रमोशन हो गया हैं, हालांकि इस प्रमोशन को मिलने के बाद उनका मजाक भी बन रहा हैं, कारण यह हैं की हारे हुए जनरल को भी पाकिस्तान सरकार ने प्रमोशन देकर फील्ड मार्शल बना दिया। आसिम मुनीर की पदोन्नति ऐसे समय में हुई है, जब इसी महीने की शुरुआत में भारत के हाथों पाकिस्तानी सेना को सदी की सबसे बड़ी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। वे पाकिस्तान के इतिहास में दूसरे फील्ड मार्शल बने हैं।
अयूब खान थे पहले फील्ड मार्शल
मीडिया रिपोटर्स की माने तो इससे पहले अयूब खान 1959-1967 तक इस पद पर थे। दिलचस्प बात है कि फील्ड मार्शल बन चुके आसिम मुनीर के बारे में भारतीय हमलों के दौरान बंकर में छिपने की रिपोर्ट सामने आई थीं। जनरल मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर उनका मजाक उड़ने लगा है। अब लोग आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाए जाने के शहबाज सरकार के फैसले की धज्जियां उड़ा रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के हमलों में पाकिस्तानी सेना को महत्वपूर्ण झटके लगे, जबकि उसके आर्मी चीफ को अब देश के सर्वाेच्च मिलिट्री अवार्ड से सम्मानित किया जा रहा है। ये हार का इनाम देने की तरह है।
फील्ड मार्शल क्या होता है?
मीडिया रिपोटर्स की माने तो फील्ड मार्शल सेना का एक ऐसा पद है जो सामान्य तौर पर केवल उन अधिकारियों को दिया जाता है, जिन्होंने युद्ध में असाधारण नेतृत्व दिखाया हो या जिनका सैन्य योगदान राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जाता हो। यह रैंक कई देशों में प्रचलित है, जैसे भारत, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, और पाकिस्तान, लेकिन इसका उपयोग और महत्व देश-दर-देश अलग है।
pc- dainiktribuneonline.com
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